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बहुत याद आते है, मेरे बचपन के वो दिन...........

Posted On: 28 Jan, 2011 Others,मस्ती मालगाड़ी में

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बहुत याद आते है, मेरे बचपन के वो दिन...........
वो मनपसंद की सब्जी ना बनने पर , खाना छोड कर एक कोने मे बेठ जाना ,
वो क्रिकेट की बॉल से बगल वाले अंकल की, खिड़की का शीशा तोड कर आना ,
और फिर पापा की मार के डर से , दोड़ कर मम्मी की गोद मे छिप जाना,
वो पतंग के लिए दोड़ना, और फिर ठोकर ख़ाकर गिर जाना ,
वो पापा का दौड कर आना और , फिर मुझे हॉस्पिटल ले जाना ,
और फिर बड़ी सी सुई को देख कर मेरा ज़ोर से चिल्लाना
बहुत याद आते है, मेरे बचपन के वो दिन...........
वो दोस्तों कई साथ क्लास मे शरारत और मस्ती करना ,
होमे-वर्क भूल जाना और फिर दोस्त की कॉपी से नकल करना .
और फिर पकड़े जाने पर टीचर की मार का पड़ना
वो दोस्त से लड़ाई होने पर इंक-पेन की इंक दोस्त की कमीज़ कर छिड़कना.
वो चस्मा पहनने वाले दोस्त का चस्मा निकल कर भाग जाना ,
या एक टकले दोस्त के सर पर तबला बजाना.
बहुत याद आते है, मेरे बचपन के वो दिन...........
वो बड़े भाई से खेल मे हारने पर लड़ाई करना.
या छोटी बहन की दोनो चोटी पकड़ कर खिचना.
वो दादी मां का परियों की कहानी सुनना .
वो दादा जी कई साथ सुबह-2 उठ कर सैर पर जाना.
वो तबीयत खराब होने पर भी चोरी-2 आइस-क्रीम का खाना....
बहुत याद आते है, मेरे बचपन के वो दिन...........

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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
January 28, 2011

भाईसाहब …… ये बड़े मजे की बात है की बचपन में जो बह्पन हमें बोझ लगता है……….. बाद में उसकी को याद करके हम मुस्कुराते हैं…………. अच्छी रचना के लिए बधाई………

    Nish aik bevkoof के द्वारा
    February 10, 2011

    शुक्रिया पियूष भाई,

Amit Dehati के द्वारा
January 28, 2011

बहुत सुन्दर कविता ………..बेवकूफ साहब जी बेवकूफ जी नाम लेते हुए मुझे तकलीफ हो रहा है कृपा करके कोई शोर्ट नाम रख लें ……… आपने जो अपनी भावनाए व्यक्त किये है वाकई काबिले तारीफ ….आपने बचपन की यादें ताज़ा कर दिए … अच्छी कविता है | आप यूँही लिखते रहे हमारी शुभ कामनाये आपके साथ है .||||||||||| शुक्रिया ! कृपया मुझे visit करके अपना विचार व्यक्त करें ! http://amitdehati.jagranjunction.com

    Nish aik bevkoof के द्वारा
    February 10, 2011

    अमित भाई, बचपन होता ही कुछ ऐसा है, आप सब कुछ भूल सकते हो, पर अपने बचपन को नहीं…. हौसलाअफजाई के लिए शुक्रिया !!

    Roosevelt के द्वारा
    October 13, 2012

    can u pls change ur name it doesnt suit an intelligent person to be called an idiot….


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